चित्तौड़गढ़। शिक्षण संस्थान श्री गणेश विद्या मंदिर, निंबाहेड़ा में बसंत पंचमी का पावन पर्व हर्षाेल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीईओ) अरविन्द मुन्दड़ा ने की, जबकि एएसआई सूरज कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
प्रकृति और संस्कृति का संगम-
मुख्य अतिथि एएसआई सूरज कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि बसंत पंचमी ऐसा पर्व है, जहां प्रकृति और संस्कृति का सुंदर संगम देखने को मिलता है। यह पर्व ऋतुराज बसंत के आगमन का प्रतीक है, जो जीवन में नई ऊर्जा और उल्लास का संचार करता है।
साइबर सुरक्षा के प्रति किया जागरूक-
कार्यक्रम के दौरान एएसआई सूरज कुमार ने वर्तमान समय की चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए साइबर अपराधों और मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से होने वाले खतरों के प्रति छात्र-छात्राओं को सचेत किया। उन्होंने डिजिटल सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए
मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें-
अनजान लिंक या अटैचमेंट न खोलें
नियमित रूप से सॉफ्टवेयर अपडेट रखें
मोबाइल का संतुलित एवं सार्थक उपयोग करें
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि ऐसे कार्य करें जिससे माता-पिता, गुरुजनों और समाज का मान बढ़े तथा देश का हित हो।
सफलता के लिए अनुशासन आवश्यक-
सीबीईओ अरविन्द मुन्दड़ा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास और अनुशासन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने 10वीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को बेहतर अंक प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए तथा प्रश्न-पत्र हल करने की रणनीतियों से अवगत कराया।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती (पराक्रम दिवस) का आयोजन-
बसंत पंचमी के अवसर पर विद्यालय में महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती भी श्रद्धा एवं गौरव के साथ मनाई गई। वक्ताओं ने नेताजी के जीवन संघर्ष, अदम्य साहस और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को याद किया।
अतिथियों ने नेताजी के प्रसिद्ध नारे “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा” का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को संदेश दिया कि आज के समय में उन्हें अपना समय, परिश्रम और प्रतिभा देश की प्रगति के लिए समर्पित करनी चाहिए।
एएसआई सूरज कुमार ने कहा कि जिस प्रकार नेताजी ने कठिन परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी, उसी प्रकार विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों और साइबर खतरों का साहसपूर्वक सामना करना चाहिए। वहीं अरविन्द मुन्दड़ा ने युवाओं से नेताजी के आदर्शों को अपनाकर अनुशासन के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
गरिमामयी उपस्थिति-
कार्यक्रम में विद्यालय स्टाफ के प्रकाश चेलावत, बी.एम. राठी, राधेश्याम धाकड़, भगवती प्रसाद शर्मा, रवि ओझा, गोविन्द राठी, आसीम खान, मांगीलाल धाकड़ सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रधानाध्यापक दिनेश कुमार धाकड़ ने सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया।