चित्तौड़गढ़। प्रताप नगर स्थित ब्रह्मा कुमारीज सेवा केंद्र पर 77वां गणतंत्र दिवस हर्षाेल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवा केंद्र संचालिका राजयोगिनी आशा दीदी ने की।
इस अवसर पर आशा दीदी ने गणतंत्र दिवस के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 26 जनवरी केवल राजनीतिक स्वतंत्रता या संविधान लागू होने का उत्सव नहीं है, बल्कि यह स्वराज की गहरी आध्यात्मिक यात्रा का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि गणतंत्र का वास्तविक अर्थ स्वयं की इंद्रियों और मन पर नियंत्रण रखना है। जब व्यक्ति अपने मन और बुराइयों का गुलाम नहीं बनता, तभी वह सच्चे अर्थों में गणतंत्र का अनुभव कर पाता है।
आशा दीदी ने कहा कि जैसे देश को चलाने के लिए लिखित संविधान आवश्यक है, उसी प्रकार श्रेष्ठ जीवन के लिए नैतिक और आध्यात्मिक संविधान की भी आवश्यकता होती है। नियम और मर्यादाएँ हमें बंधन में नहीं डालतीं, बल्कि मानसिक विकारों से मुक्ति देकर संतुलित जीवन की दिशा दिखाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बाहरी स्वतंत्रता तब तक अधूरी है, जब तक हम क्रोध, लोभ और अहंकार के गुलाम हैं। असली तिरंगा तब लहराता है, जब हमारा जीवन सत्य, शांति और समृद्धि से परिपूर्ण हो।
कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज की लेक्चरर बीके डॉक्टर सविता सोनी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। साथ ही बीके बालकिशन भाई, बीके मनोज भाई, बीके सुभाष भाई सहित अनेक भाई-बहनों ने कार्यक्रम में भाग लिया। सभी ने मिलकर तिरंगा ध्वज फहराया और राष्ट्रगान प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी को प्रसाद वितरित किया गया। आयोजन का वातावरण देशभक्ति, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा।