अरनोद। खुद को राजस्थान पुलिस का जवान बताकर वर्षों तक आमजन, दुकानदारों और परिचितों पर रौब जमाने वाला युवक अरनोद थाना पुलिस के हत्थे चढ़ गया। आरोपी ने नकली पुलिस वर्दी और फर्जी फोटो के जरिए विश्वास हासिल किया और इसी झूठी पहचान के आधार पर सेकंड ग्रेड शिक्षिका से शादी भी कर ली। जिला पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक व पुलिस उप अधीक्षक वृत्त अरनोद के निर्देशन में थानाधिकारी अरनोद की टीम ने इस फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया।
“जय हिंद” से खुली पोल-
मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम अरनोद बस स्टैंड स्थित एक हेयर सैलून पहुंची। वहां दुकानदार ने युवक को “जय हिंद” कहकर संबोधित किया और बताया कि वह पुलिसकर्मी है। पूछताछ में आरोपी ने खुद को राजस्थान पुलिस में कार्यरत बताते हुए मोबाइल पर पुलिस वर्दी पहने फोटो दिखाए। जब पुलिस लाइन प्रतापगढ़ से सत्यापन कराया गया, तो आरोपी की असलियत सामने आई उस नाम का कोई व्यक्ति पुलिस विभाग में कार्यरत नहीं था।
शादी के लिए रचा गया फर्जी पुलिस ड्रामा-
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने शादी करने के उद्देश्य से फर्जी पुलिस वर्दी बनवाई, फोटोशूट कराया और सोशल मीडिया पर अपलोड किए। इन तस्वीरों के भरोसे उसने वर्ष 2023 में सेकंड ग्रेड शिक्षिका से शादी की। शिक्षिका की नियुक्ति वर्ष 2021 में चूपना विद्यालय में हुई थी। दोनों की मुलाकात शिक्षिका की चचेरी बहन की शादी में हुई थी। शादी के लगभग दो माह बाद शिक्षिका को आरोपी की असलियत का पता चला।
जोधपुर ट्रेनिंग का झूठ, मजदूरी की सच्चाई-
आरोपी अपनी पत्नी को जोधपुर में पुलिस ट्रेनिंग पर जाने का झूठ बोलता था। एक-दो बार वह जोधपुर गया भी, लेकिन वहां मजदूरी कर वापस लौट आया। लौटने पर उसने खुद को सस्पेंड बताया। नकली वर्दी और फोटो दिखाकर वह लगातार पुलिस होने का रौब झाड़ता रहा।
पुलिस लाइनदृथानों में फोटो, ताकि शक न हो-
आरोपी कभी पुलिस लाइन तो कभी थानों में जाकर पुलिसकर्मियों के साथ फोटो खिंचवाता था, ताकि उसकी फर्जी पहचान पर किसी को संदेह न हो। इन तस्वीरों का उपयोग वह लोगों को प्रभावित करने और खुद को पुलिसकर्मी साबित करने में करता था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने कई लोगों से पैसे भी लिए।
फर्जी वर्दी व फोटो बरामद-
पुलिस ने आरोपी के मोबाइल से पुलिस वर्दी में फोटो तथा पुलिसकर्मियों के साथ खिंचवाए गए फोटो बरामद किए हैं। आरोपी की निशानदेही पर फर्जी पुलिस वर्दी भी जब्त की गई है।
मामला दर्ज, जांच जारी-
आरोपी की पहचान उमेश डामोर (पिता लक्ष्मण लाल डामोर, उम्र 23 वर्ष, निवासी सोबनिया थाना पीपलखूंट) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके खिलाफ सरकारी कर्मचारी का प्रतिरूपण एवं धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। मामले में अग्रिम अनुसंधान जारी है।