चित्तौड़गढ़। मेवाड़ के भीष्म पितामह सत्यव्रत रावत चुंडा जी की माघ शुक्ल अष्टमी (भीमाष्टमी) को 648वीं जयंती के उपलक्ष्य में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। समारोह का प्रारंभ कुलदेवी बाण माता मंदिर में रात्रि जागरण और हवन पूजा से हुआ।
रात्रि जागरण में माता जी के श्रृंगार, धूप-दीप, पोशाक और फूल से भव्य पूजा अर्चना की गई। इस पूजा में कान सिंह सुवावा, चावण्ड सिंह दातड़ा, शिवपाल सिंह झालरा, प्रहलाद सिंह चुंडावत एवं रणजीत सिंह सुवावा ने विधिवत भाग लिया।
अगले दिन प्रातःकाल हवन यज्ञ और बालभोग पूजा का आयोजन किया गया, जिसमें भूपेंद्र सिंह झालरा, भंवर सिंह नेतावलगढ़ पाछली, कान सिंह सुवावा और शिवपाल सिंह झालरा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। हवन की पूर्णाहुति बाण माता के पुजारी मुकेश पालीवाल ने करवाई, जबकि हवन यज्ञ का संचालन पंडित अरविंद भट्ट ने किया।
जयंती के अवसर पर चुंडा स्मृति संस्थान, मेवाड़ के तत्वाधान में जौहर भवन, चित्तौड़गढ़ में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन भी किया गया। इस समारोह में मुख्य अतिथि रावत यशवर्धन सिंह बस्सी, विशिष्ट अतिथि कर्नल रणधीर सिंह बस्सी, मुख्य वक्ता एवं चुंडा स्मृति संस्थान के महामंत्री लोकेंद्र सिंह ज्ञानगढ़ उपस्थित रहे।
साथ ही उपाध्यक्ष कान सिंह सुवावा, गंगा सिंह साजियाली, बालू सिंह जगपुरा, चावणड सिंह दातड़ा, दलपत सिंह तिलौली, शिवपाल सिंह झालरा, राम सिंह ताणा, भगवत सिंह तंवर, डॉ. योगेश व्यास, पाबू सिंह उमरी, श्याम सिंह चुंडावत सेमलिया, मोहन सिंह बैजनाथिया, गजेंद्र सिंह बस्सी, देवराज सिंह जगपुरा सहित कई गणमान्य नागरिकों ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
समारोह में उपस्थित सभी ने सत्यव्रत रावत चुंडा जी की पुण्य स्मृति को सम्मानित करते हुए उनकी जीवनगाथा और मेवाड़ के प्रति उनके योगदान को याद किया।