उन्हेल। श्रीमद्भागवत कथा समिति के तत्वावधान में स्थानीय न्यू बस स्टैंड स्थित मैदान में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस श्रीकृष्ण जन्मोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। कथा का वाचन सुप्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय कथावाचक वृंदावनवासी परम पूज्य श्री गौरांगी गौरी जी महाराज के मुखारबिंद से किया जा रहा है।
कृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर कथा पंडाल भक्ति और आनंद के रंग में रंगा नजर आया। श्रद्धालु बड़ी संख्या में पीले वस्त्र धारण कर कथा स्थल पर उपस्थित रहे। वहीं छोटे-छोटे बच्चे कान्हा और राधा की वेशभूषा में झूमते नजर आए, जिससे वातावरण वृंदावन जैसा प्रतीत हो रहा था।
कथा के दौरान श्री गौरांगी गौरी जी महाराज ने कहा कि जब हम भगवान का गुणगान सुनते हैं, उनके विषय में जानते हैं और उनकी सेवा करते हैं, तो मन में प्रभु के प्रति प्रेम उत्पन्न होता है, जो समय के साथ और अधिक प्रगाढ़ होता जाता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हम अन्य कार्यों को प्राथमिकता देते हैं, उसी प्रकार भक्ति को भी जीवन का नियम बनाना चाहिए कृ जैसे प्रतिदिन माला जप, हनुमान चालीसा का पाठ, सूर्यदेव को जल अर्पण करना आदि। भगवान को नियम अत्यंत प्रिय हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी परिस्थिति में ईश्वर का स्मरण करते रहना चाहिए और शिकायत के बजाय जो प्राप्त है उसके लिए कृतज्ञता भाव रखना चाहिए।
कथा के दौरान समिति द्वारा यह भी घोषणा की गई कि प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी 21 निर्धन कन्याओं का निशुल्क सामूहिक विवाह कराया जाएगा।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और कथा का श्रवण कर धर्मलाभ प्राप्त किया।