नीमच। भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय जैविक प्रमुख एवं भारत सरकार द्वारा पद्मश्री सम्मान से अलंकृत हुकुमचंद पाटीदार का दो दिवसीय नीमच जिला प्रवास सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस दौरान उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसान की आत्मनिर्भरता का आधार उसका स्वयं का बीज है। जब तक किसान अपने बीज पर अधिकार नहीं करेगा, तब तक खेती को लाभ का व्यवसाय नहीं बनाया जा सकता।
भारतीय किसान संघ जिला नीमच द्वारा जारी प्रेस नोट में बताया गया कि इस प्रवास के दौरान मालवा प्रांत संगठन मंत्री अतुल महेश्वरी, प्रांत कार्यकारिणी सदस्य एवं नीमच जिला प्रभारी भंवर सिंह पवार, प्रांत कार्यकारिणी सदस्य निलेश पाटीदार तथा संभागीय उपाध्यक्ष राधेश्याम धनगर भी उनके साथ उपस्थित रहे।
अखिल भारतीय योजना के अंतर्गत पाटीदार ने जिले में जिला स्तरीय बैठक ली। इसके साथ ही ग्राम समिति कनावटी, रेवली-देवली एवं पिपलोन के गांव रोड पर लगाए गए स्वागत बोर्ड का अनावरण किया तथा ग्राम समितियों के साथ बैठकें कीं। प्रवास के दौरान उन्होंने देव दर्शन के अंतर्गत मां भादवा माता के दर्शन भी किए।
लागत घटाए बिना खेती नहीं बनेगी लाभकारी
जिला बैठक को संबोधित करते हुए पाटीदार ने कहा कि वर्तमान समय में खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। बीज, खाद और अन्य कृषि आदानों की कीमतों ने किसान की आर्थिक स्थिति को कमजोर कर दिया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जो मक्का किसान 15 से 20 रुपये प्रति किलो में बेचता है, वही मक्का बीज के रूप में बहुराष्ट्रीय कंपनियां 200 रुपये प्रति किलो तक बेच रही हैं। टमाटर का बीज 1 लाख 30 हजार रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। इस स्थिति में किसानों की कमर टूट रही है।
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि किसान अपनी परंपरागत पद्धतियों से स्वयं का बीज विकसित करे और बीज के लिए कंपनियों पर निर्भरता समाप्त करे। इससे खेती की लागत घटेगी और किसान का वास्तविक कल्याण संभव होगा।
जैविक खेती के लिए ठोस नीति की आवश्यकता
पाटीदार ने जैविक खेती पर जोर देते हुए कहा कि सरकार को इसके लिए ठोस नीति बनानी चाहिए। जैविक खेती में उपयोग होने वाले सभी संसाधनों पर सब्सिडी दी जाए, तभी खेती को लाभ का धंधा बनाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि जैविक खेती न केवल किसान के लिए लाभकारी है, बल्कि समाज और पर्यावरण के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।
ग्राम समितियां सशक्त होंगी तो किसान आगे बढ़ेगा
बैठक को प्रांत संगठन मंत्री अतुल महेश्वरी ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में लिए गए सभी निर्णय किसान हित को ध्यान में रखकर किए जाते हैं। उन्हीं निर्णयों के तहत प्रांत स्तर पर गांव-गांव जाकर ग्राम समितियों में रात्रि विश्राम एवं बैठकें आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जब तक ग्राम समितियां सशक्त नहीं होंगी, तब तक किसान संगठित होकर आगे नहीं बढ़ पाएगा।
बैठक में जिलेभर के किसान रहे उपस्थित
कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष सुरेशचंद्र धाकड़ ने स्वागत उद्बोधन दिया तथा जिला मंत्री विष्णुप्रसाद नागदा ने बैठक का संचालन किया। बैठक में जिलेभर से बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से मांगीलाल पाटीदार, रामगोपाल धाकड़, हरिविलास पाटीदार, जमनालाल पाटीदार, राधेश्याम धाकड़, नंदकिशोर नागदा, बद्रीलाल पाटीदार, बालूराम नागदा, कैलाशचंद पाटीदार, सुभाष, अनिल सहित अनेक किसान शामिल थे।