सरवानियां महाराज। उपर से सरकारें कितना भी बड़ा प्रोजेक्ट बना कर भेज दें लेकिन जमीन पर आते आते प्रोजेक्ट लिपा पोती कर गोल माल कर दिया जाता है। धरातल की सच्चाई ये है कि अफसरों और निर्माण एजेंसियों का गठजोड़ गड़बड़ी पर आकर ठहर जाता है। अब देवीय तिर्थाे को सड़क मार्ग से सिधा जोड़ने के लिए बनी योजना में बहुत सारे तो घूमाव है टेड़ापन है और जान माल की रक्षा के लिए भाटे के खंभे भी है।
जी हां हम बात कर रहे हैं 76 करोड़ 59लाख रुपए की लागत से लगभग 49.82 किलोमीटर लंबी देवी तीर्थ जोड़ों सड़क कि जिसके किनारे लोहे के (क्रश बेरियर) और सीसी की सेफ्टी वाल के स्थान पर पांइट स्टोन यानी कि भाटे के खंबे लगाकर वाहन चालकों की जान माल से खिलवाड़ करने की। यंहा अफसरों और निर्माण कार्य करने वाली कंपनी ने गड़बड़ी करते हुए लोहे और सीसी की सेफ्टी वाल की जगह पत्थरों के पोल गाड़ दिए। यह तस्वीर जिला प्रशासन की दुर द्रष्टि और आमजनों की जान माल के दावों की हकीकत बयां करने के लिए काफी है। साथ जिला कलेक्टर हिमांशु चंन्द्रा के समझने के लिए भी काफी होगी कि अफसरों की मिली भगत से कैसे जिला प्रशासन कि आंखों में धूल तो धूल अब तो भाटे भी झोंके जा रहे हैं ।
राजस्थान सीमा से सटे जावद तहसील के ग्राम चढ़ोल से भादवा माता तक सड़क निर्माण में निर्माण कंपनी बिंदल डेवलपर ने पीडब्ल्यूडी की नाक के नीचे लापरवाही करते हुए कई सारी गड़बड़ियां कर डाली। बड़ी गड़बड़ी में मालवा की वैष्णोदेवी नीमच के प्रसिद्ध तीर्थ और आरोग्य स्थल भादवा माता पहुंच मार्ग पर निर्माण कंपनी ने तय मानकों को ताक में रखकर सड़क किनारे सेफ्टी वाल पर लोहे की आधी अधुरी रैलिंग लगा दी। बहुत सारे विकट और संकट वाले मोड़ पर भाटे गाड़ दिए और उन भाटो के खंबों पर रंग रोगन कर दिया। सड़क निर्माण कंपनी की श्रृद्धालुओं और आम वाहन चालकों के साथ की गई इस गैर जिम्मेदाराना हरकत से कभी भी बड़ा हादसा संभव है। अनायास अनियंत्रण या आफात स्थित में अगर वाहन इन भाटो के खंबों से टकराता है तो निश्चित ही वाहन और वाहन में सवार लोगों की जान माल का खतरा उत्पन्न होगा। पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाई गई इस सड़क पर रोजाना हजारों वाहन निकलते और श्रृद्धालु निकलते हैं। ग्राम जावद मुकनपुरा बरखेड़ा मीणा सरवानियां जावी के बीच बहुत ज्यादा विकट और संकट वाले मोड़ है पुल पुलिया है जिनके आस पास सड़क कंस्ट्रक्शन कंपनी बिंदल डेवलपर ने मानकों को परे रख गड़बड़ी कर दी है। जगह जगह खतरनाक और घुमावदार विकट मोड़ या पुलिया के पास पत्थरों भाटे के खंबों के सहारे वाहन चालकों की जान माल को छोड़ दिया गया गया है ।
76 करोड़ 59 लाख की लागत से बनी सड़क-
जिले की महत्वपूर्ण सड़क योजना में शामिल इस प्रसिद्ध तीर्थ दर्शन स्थल भादवा माता और आंत्रीमाता को राजस्थान से जोड़ने वाली सड़क की डीपीआर मध्यप्रदेश और केंद्र सरकार ने आधुनिक सड़क निर्माण की योजना तैयार कर लोक निर्माण विभाग संभाग नीमच के जरिए इस सड़क का निर्माण कार्य बिंदल डेवलपर कंपनी द्वारा करवाया। यह सड़क चढ़ोल सरोदा ढाणी तुम्बा अठाना जावद नानपुरिया बरखेड़ा मीणा मुकनपूरा सरवानियां महाराज जावी थड़ोली किशनपुरा उचेड़ होकर भादवा माता तक बनाई गई है। बताते हैं बाद में इसी योजना को आगे आंत्रीमाता तक बढ़ाया गया।
जो स्टीमेट में था वो लगा दिया-
एसडीओ नीरज अमलावर (मनासा) ने बताया कि स्टीमेट में स्टोन पांइट (भाटा) तथा क्रश बेरियर ( लोहा) शामिल हैं , जो स्टीमेट था वो हमने लगा दिया है। भाटे के खंभों से दुर्घटना जान माल या दुर्घटना नहीं रुकने के सवाल पर अमलावर ने कहा कि यह सब दुर्घटना जोन में ही लगाएं है फिर भी भाटे के खंभों से समस्या होगी तो में देखता हूं।