शाहपुरा (भीलवाड़ा)। शाहपुरा में आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन के दौरान ‘ग्रीन लिटिल’ के नाम से प्रसिद्ध राजस्थान की बाल पर्यावरण प्रेमी श्रेया कुमावत ने पर्यावरण संरक्षण पर आधारित विशेष प्रदर्शनी लगाकर लाखों लोगों को जागरूक किया। श्रेया, बी.आर. फाउंडेशन की नन्हे हाथों में पर्यावरण अभियान की ब्रांड एंबेसडर हैं।
प्रदर्शनी में श्रेया कुमावत ने दैनिक उपयोग में आने वाली वेस्ट प्लास्टिक थैलियों में फूल, सब्जियां एवं औषधीय पौधे लगाकर “वेस्ट टू बेस्ट” का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया। साथ ही उन्होंने सीड बॉल, स्वयं निर्मित जैविक खाद, जैविक लिक्विड फर्टिलाइजर, प्राकृतिक कीटनाशक तथा औषधीय पौधों के माध्यम से जैविक खेती का सरल, सस्ता और प्रभावी मॉडल प्रदर्शित किया।
श्रेया़ ने बताया कि वर्तमान समय में खेती में अत्यधिक रासायनिक खाद एवं केमिकल पेस्टिसाइड के उपयोग से धरती जहरीली होती जा रही है, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता नष्ट हो रही है। इसके दुष्परिणाम भोजन के माध्यम से मानव स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल रहे हैं और कैंसर जैसी घातक बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं का स्थायी समाधान जैविक खेती और प्राकृतिक जीवनशैली को अपनाने में है।
प्रदर्शनी के दौरान श्रेया कुमावत ने वृक्षारोपण का सशक्त संदेश देते हुए कहा “पेड़ हमारा जीवन हैं, पेड़ हैं तो हम हैं।” उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी नियमित देखभाल करे।
उल्लेखनीय है कि श्रेया कुमावत राज्य के विभिन्न बड़े आयोजनों में निरंतर पर्यावरण प्रदर्शनी लगाकर प्लास्टिक मुक्त भारत, जैविक खेती और हरित भविष्य के लिए जन-जागरूकता फैलाने का कार्य कर रही हैं।