नीमच। देश की एकता, अखंडता, प्रेम, भाईचारे एवं सामाजिक न्याय का संदेश लेकर निकली “गांधी-सरहदी संदेश यात्रा” आज नीमच जिले के ग्राम बाग पिपलिया पहुँची। यह यात्रा गांधी शहादत दिवस 30 जनवरी से प्रारंभ होकर 6 फरवरी को सरहदी गांधी खान अब्दुल गफ्फार खान की जयंती पर नाथद्वारा में संपन्न होगी। यात्रा शहरों, गांवों एवं कस्बों से होते हुए आगे बढ़ रही है।
यात्रा का उद्देश्य महात्मा गांधी एवं सरहदी गांधी के विचारों के माध्यम से विश्व बंधुत्व, आर्थिक-सामाजिक न्याय, संविधान के उद्देश्यों तथा गांधी दर्शन को जन-जन तक पहुँचाना है।
इस अवसर पर यश लोहार ने कहा कि महात्मा गांधी ने अपने पूरे जीवन में लोगों को जोड़ने का कार्य किया। जब-जब अंग्रेजों ने “फूट डालो, राज करो” की नीति अपनाई, तब-तब गांधी ने एकता का संदेश दिया।
अकरम शाह ने कहा कि महात्मा गांधी का कथन “इस धरती पर हर किसी की जरूरत के लिए पर्याप्त है, लेकिन किसी के लालच के लिए नहीं” आज भी प्रासंगिक है। अरावली श्रृंखला, जलवायु परिवर्तन, कृषि उपज एवं आम जीवन पर पड़ रहे प्रभावों को देखते हुए गांधी के विचारों को आत्मसात करना आवश्यक है, क्योंकि पहाड़ों, जंगलों और नदियों का अंधाधुंध दोहन आपदाओं को ही जन्म देता है।
जितेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि गांधी और सरहदी गांधी दोनों का जीवन सामाजिक एकता और ग्रामीण स्तर पर प्रत्येक व्यक्ति के विकास से जुड़ा रहा है। सामाजिक सद्भाव, पर्यावरण संरक्षण, हाशिए पर खड़े लोगों के सवालों का समाधान गांधी-सरहदी गांधी के मार्ग पर चलकर ही संभव है।
वैभव जैन ने कहा कि हमें गांधीजी की “अंतिम व्यक्ति की कसौटी” को याद रखना चाहिए और यह सोचना चाहिए कि हमारे कार्य समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन में क्या सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
इस अवसर पर सैयद पठान, तस्लीम खान, आशिक खान, प्रबल, हाशिम खान, उस्मान खान, गौतम गोहिल, अर्पित, अनीस खान, रियाज खान, अब्बास खान, अबरार खान, इदरीस खान, अरबाज खान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।