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February 1, 2026, 3:15 pm
BIG NEWS : नीमच-मंदसौर सहित प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज, ग्रामीण क्षेत्रों में गिरे मक्का के आकार के ओले, अफीम सहित गेहूं व अन्य फसलों को नुकसान की आशंका, पढ़े खबर 

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नीमच/मंदसौर। रविवार की सुबह किसानों के लिए राहत नहीं, बल्कि आफत बनकर आई। आसमान से बरसे बेरहम ओलों ने खेतों में खड़े सपनों को पलभर में चकनाचूर कर दिया। नीमच और मंदसौर के ग्रामीण अंचलों में मक्का के दानों जितने ओले गिरते ही काले सोने के नाम से पहचानी जाने वाली अफीम (ब्लैक गोल्ड) सहित गेहूं और अन्य रबी फसलों पर संकट के बादल छा गए। जिस फसल को किसान महीनों की मेहनत, कड़ी निगरानी और उम्मीदों के सहारे सींच रहे थे, वही फसल अब मौसम की मार से कराहती नजर आ रही है।

नीमच जिले के इन क्षेत्रों में गिरे ओले-
आज रविवार को नीमच जिले के छायन, हनुमंतिया पंवार, सिरखेड़ा, हर्कियाखाल, कोटड़ी इस्तमुरार, सोनियाना, भंवरासा, पालसोड़ा, चीतखेड़ा, कराड़िया, राबड़िया सहित अन्य क्षेत्रों में ओले गिरे। ओले गिरने से खेतों में खड़ी अफीम के फसलों के डोडों को नुकसान पहुंचा है। किसानों की मानें तो ओले गिरने से सबसे ज्यादा अफीम की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है।

नीमच-मंदसौर सहित कई जिलों के लिए अलर्ट- 
मौसम विभाग के अनुसार दतिया, खजुराहो, ग्वालियर, नौगांव, सतना, रीवा, उज्जैन, श्योपुर, राजगढ़, रतलाम, गुना, दमोह, मंडला, टीकमगढ़ और मलाजखंड में कोहरे का प्रभाव अधिक रहा। रविवार को ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा और राजगढ़ जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं भोपाल, इंदौर, सागर, विदिशा, उज्जैन और रतलाम में बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटे तक प्रदेश के कई हिस्सों में कोहरा और बादल बने रह सकते हैं, जिससे दिन और रात के तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।

प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश व तेज हवा का दौर-
प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवा, आंधी और घने कोहरे का असर देखने को मिला। दतिया और खजुराहो में हालात सबसे अधिक प्रभावित रहे, जहां दृश्यता घटकर 50 से 200 मीटर तक पहुंच गई। घने कोहरे के कारण सुबह के समय वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

यहां सुबह तक रूक-रूककर हुई बारिश- 
ग्वालियर, उज्जैन, धार और मुरैना में रात से सुबह तक रुक-रुक कर बारिश होती रही। भोपाल में भी सुबह करीब 9 बजे तक कोहरे का असर देखा गया। मौसम में आए इस बदलाव के बावजूद कई शहरों में न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। अधिकांश बड़े शहरों में न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा, जबकि खजुराहो, राजगढ़ और नौगांव में ही पारा 10 डिग्री से नीचे रिकॉर्ड किया गया।

नाजुक अवस्था में अफीम की फसल, नुकसान की आशंका ज्यादा-
किसानों के अनुसार ‘काले सोने’ के नाम से पहचानी जाने वाली अफीम की फसल इस समय अत्यंत संवेदनशील दौर में है। हल्की बारिश, तेज हवा या ओलावृष्टि से भी भारी नुकसान हो सकता है। यही कारण है कि नीमच सहित पूरे मालवा-मेवाड़ क्षेत्र में अफीम किसान दिन-रात खेतों की रखवाली में जुटे हुए हैं। आज मालवा-मेवाड़ के कई ग्रामीण क्षेत्रों में ओले गिरे हैं। कहीं-कहीं बारिश भी हुई है। इससे फसल को नुकसान होगा। 

मार्च में सबसे संवेदनशील होती है अफीम की फसल
मार्च माह में जब अफीम के डोडों पर चीरा लगाया जाता है, तब उनसे निकलने वाला रस डोडों पर जमता है। यह फसल का सबसे नाजुक चरण होता है। इस दौरान मौसम की मार या चोरी की एक छोटी-सी घटना भी पूरे साल की मेहनत पर पानी फेर सकती है। नियमों के अनुसार यदि अफीम चोरी हो जाती है, तो संबंधित किसान को अगली बार अफीम बुवाई का लाइसेंस तक नहीं दिया जाता।

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