नीमच। जिले में रविवार की रात हुई भीषण ओलावृष्टि और बारिश से अफीम, गेहूं, चना, चिया, लहसुन, प्याज, सरसों, मेथी, अलसी, मसूर और किनवा सहित कई रबी फसलें पूरी तरह तबाह हो गईं। खेतों में अब कुछ भी बचा नहीं है और किसानों का कहना है कि फसलें शत-प्रतिशत बर्बाद हो चुकी हैं।

भंवरासा, कचोली, खेताखेड़ा, केलुखेड़ा, बामनिया, पालसोड़ा, पिपलियाव्यास, मेलकी मेवाड़, विशन्या और दिपुखेड़ी सहित लगभग 10 गांवों के किसान इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए हैं।

किसानों ने अपने हक की मांग करते हुए महू-नसीराबाद हाईवे पर स्थित भंवरासा फंटे पर चक्काजाम कर दिया। करीब एक घंटे से हाईवे पर वाहनों की आवाजाही ठप है। किसानों ने बिना किसी कागजी सर्वे के तत्काल मुआवजा और बीमा राशि देने की मांग की। अन्नदाताओं के बीच जिला पंचायत अध्यक्ष सज्जन सिंह चौहान भी पहुंचे। उन्होंने किसानों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।

प्रशासन ने किया मौका मुआयना-
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवल सिंह सिसोदिया, अपर कलेक्टर बीएस क्लेश, सीएसपी किरण चौहान, जीरन थाना प्रभारी उमेश यादव और नीमच सिटी थाना प्रभारी पुष्पा चौहान भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों से वार्ता कर आश्वासन दिया कि फसल नुकसान का शीघ्र सर्वे कर उचित मुआवजा प्रदान किया जाएगा। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए प्रशासनिक प्रयास जारी हैं।
