नीमच। नीमच जिले के ग्राम डसानी में सामुदायिक उपयोग की शासकीय गोचर भूमि पर अवैध कब्जे के प्रयास, राजस्व रिकॉर्ड में कथित हेरफेर और दबंगई का मामला सामने आया है। इसको लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर जनसुनवाई में सामूहिक आवेदन सौंपकर गंभीर आरोप लगाए हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 1967 में ग्रामवासियों द्वारा खरीदी गई भूमि वर्षों से मवेशियों के बैठने-चरने, पानी पीने तथा बच्चों के खेल मैदान के रूप में उपयोग में ली जा रही है। संबंधित भूमि सर्वे नंबर 65 (वर्तमान नंबर 297) है, जिसे लंबे समय तक राजस्व अभिलेखों में गोचर भूमि के रूप में दर्शाया गया।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि नामांतरण प्रक्रिया अधूरी रहने का फायदा उठाकर बाद के वर्षों में खसरा रिकॉर्ड में गलत फसल प्रविष्टियां की गईं और सीमित वारिसों के नाम पर नामांतरण कराकर भूमि का विक्रय व पुनः नामांतरण करा लिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि हाल ही में कब्जे की नीयत से जेसीबी मशीन से हरे-भरे वृक्ष उखाड़ दिए गए। विरोध करने पर ग्रामीणों को धमकियां भी दी गईं। मामले की शिकायत पुलिस व राजस्व अधिकारियों को दी गई तथा मौका पंचनामा भी बनाया गया, इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में भारी रोष है।
ग्रामवासियों ने कलेक्टर से मांग की है कि राजस्व रिकॉर्ड की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, गोचर भूमि पर अतिक्रमण पर तत्काल रोक लगाई जाए, दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए तथा भूमि का स्वामित्व ग्राम समुदाय के नाम सुरक्षित किया जाए।