नीमच। जिले के रानपुर गांव में सोमवार दोपहर एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां आंगनबाड़ी केंद्र पर मधुमक्खियों के हमले में बच्चों की जान बचाते हुए स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष कंचन बाई मेघवाल की मौत हो गई। कंचन बाई ने अपनी जान की परवाह किए बिना बच्चों को सुरक्षित किया, लेकिन खुद मधुमक्खियों के डंक का शिकार हो गईं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मडावदा पंचायत अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र में सोमवार दोपहर बच्चे केंद्र के बाहर खेल रहे थे। इसी दौरान अचानक बड़ी संख्या में मधुमक्खियां वहां आ गईं और बच्चों को घेर लिया। स्थिति को भांपते हुए आंगनबाड़ी में भोजन निर्माण कार्य से जुड़ी ‘जय माता दी स्व-सहायता समूह’ की अध्यक्ष कंचन बाई मेघवाल ने तुरंत साहस दिखाया। उन्होंने पास में रखी तिरपाल और दरी से बच्चों को ढंककर सुरक्षित किया और उन्हें केंद्र के अंदर के कमरे में पहुंचाया।
इस दौरान कंचन बाई स्वयं मधुमक्खियों के सामने खड़ी रहीं। जब तक ग्रामीण मदद के लिए पहुंचे, तब तक उन्हें सैकड़ों मधुमक्खियों ने डंक मार दिए। गंभीर हालत में उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही थीं कंचन बाई-
ग्रामीणों ने बताया कि कंचन बाई आंगनबाड़ी केंद्र में भोजन निर्माण कार्य करती थीं और स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष भी थीं। उनके पति शिवलाल पैरालिसिस से पीड़ित हैं, ऐसे में परिवार की पूरी जिम्मेदारी कंचन बाई के कंधों पर थी। उनके परिवार में एक बेटा और दो बेटियां हैं।
ग्रामीणों में दहशत, प्रशासन से कार्रवाई की मांग-
घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है। आंगनबाड़ी केंद्र के पास लगे पेड़ पर मधुमक्खियों का छत्ता होने के कारण लोग वहां जाने से कतरा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि आंगनबाड़ी परिसर में स्थित हैंडपंप ही पूरे गांव के लिए पेयजल का मुख्य स्रोत है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मधुमक्खियों के छत्ते को शीघ्र हटाने, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने तथा दिवंगत कंचन बाई के परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है।