नीमच। शहर के इंदिरा नगर क्षेत्र में पशु संवेदना और तत्पर सेवा का एक प्रेरक उदाहरण सामने आया है। यहां एक गाय दो दिनों से पेट में मृत बछड़ा लिए गंभीर पीड़ा की अवस्था में भटक रही थी। स्थानीय नागरिकों के अनुसार गाय की हालत अत्यंत नाजुक थी, लेकिन उसका मालिक उसे इस स्थिति में छोड़कर चला गया।
सोमवार शाम करीब 4 बजे क्षेत्रवासियों की सूचना पर गौसेवक मितेश अहीर तत्काल मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने पशु चिकित्सक डॉ. मयंक राठौर को बुलाया। जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि गाय के पेट में मृत बछड़ा है और तत्काल ऑपरेशन आवश्यक है।
इसके बाद गौ एम्बुलेंस की सहायता से गाय को पुराने चमड़ा कारखाना स्थित गौ उपचार शाला पहुंचाया गया। यहां पशु चिकित्सक डॉ. मयंक राठौर एवं संजय शर्मा द्वारा लगभग दो घंटे की जटिल प्रक्रिया के बाद सफल ऑपरेशन कर मृत बछड़े को बाहर निकाला गया। चिकित्सकों ने बताया कि यदि कुछ समय और देरी होती तो गाय की जान बचाना कठिन हो जाता।
फिलहाल गाय का उपचार जारी है और उसकी स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। इस सेवा कार्य में सुनील ग्वाला, राहुल रालोत, अंचल माली, पार्थ जोशी, दीपु ग्वाला एवं संजय चौधरी का भी सराहनीय सहयोग रहा।
स्थानीय नागरिकों ने गौसेवकों और पशु चिकित्सकों की तत्परता, निःस्वार्थ सेवा और जीवदया की भावना की खुले दिल से प्रशंसा की है।