नीमच। जिले की जावद विधानसभा अंतर्गत मड़ावदा पंचायत के ग्राम रानापुर में मानवता और साहस की एक अत्यंत मार्मिक घटना सामने आई है। गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में उपस्थित लगभग 20 मासूम बच्चों पर अचानक मधुमक्खियों ने हमला कर दिया।
इस संकट की घड़ी में समीप ही कार्य कर रहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका कंचनबाई ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना अद्भुत साहस का परिचय दिया। उन्होंने तुरंत बच्चों को तिरपाल से ढँककर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया, जिससे सभी बच्चों की जान बच सकी।
बच्चों को बचाने के इस प्रयास में कंचनबाई स्वयं मधुमक्खियों के हमले का शिकार हो गईं। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उनका दुःखद निधन हो गया। उनका यह बलिदान पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो गया है।
कंचनबाई जी का यह कृत्य न केवल कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण है, बल्कि मानवता, त्याग और ममता की सर्वाेच्च मिसाल भी है। मासूम बच्चों की रक्षा में उन्होंने अपने प्राणों का बलिदान देकर समाज को सदैव प्रेरणा देने वाला कार्य किया है।
उनके निधन पर क्षेत्र में शोक की लहर है। हम सभी की ओर से आदरणीया कंचनबाई जी को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना है कि वे उन्हें मोक्ष प्रदान करें एवं शोक संतप्त परिवार को यह अपार दुःख सहन करने की शक्ति दें।