नीमच। मोबाइल की गिरफ्त से बच्चों को निकालकर खेल और आत्मरक्षा की ओर बढ़ाने की अनूठी पहल रविवार को आयोजित 5वीं जिला कराटे चैंपियनशिप में देखने को मिली। कराटे डेवलपमेंट एसोसिएशन नीमच के तत्वावधान में किलेश्वर मंदिर महादेव परिसर में आयोजित प्रतियोगिता में 3 से 20 वर्ष तक की आयु के करीब 50 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। खिलाड़ियों ने काता और कुमिते में अपने हुनर का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में नन्हे खिलाड़ियों से लेकर युवाओं तक ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। खास बात यह रही कि छोटी उम्र से ही बच्चों को कराटे के माध्यम से अनुशासन, आत्मविश्वास और आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
जिला कराटे एसोसिएशन की सचिव मीरा थापा ने बताया कि सीआरपीएफ जिम्नेजियम हॉल में नियमित कक्षाओं के माध्यम से भी 60 से 65 बच्चे कराटे का प्रशिक्षण ले रहे हैं।
शुभारंभ कार्यक्रम में डॉ. लाड धाकड़, कवयित्री डॉ. प्रेरणा ठाकरे, हिमांगिनी त्रिवेदी और अर्पित मित्तल ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। डॉ. प्रेरणा ठाकरे ने कहा कि आज के समय में बच्चों को मोबाइल से दूर कर खेल के मैदान तक लाना ही बड़ी उपलब्धि है। कराटे केवल मुकाबला जीतने का खेल नहीं है, बल्कि यह बच्चों को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के साथ जरूरत पड़ने पर अपनी सुरक्षा करने का आत्मविश्वास भी प्रदान करता है।
प्रतियोगिता दिनभर चली। शाम को विजेता खिलाड़ियों के लिए पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया।